वह सिर्फ फूलों को रोककर उनकी खुशबू नहीं महसूस करती, बल्कि उससे आगे भी जाती है।

गीता रामास्वामी सीजनवॉच कार्यक्रम का नेतृत्व करती हैं, जो नागरिक विज्ञान की शक्ति का उपयोग करके यह समझने का प्रयास करता है कि पेड़ बदलते मौसमों पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।

ज़मीन से जुड़े संवेदनशील कान: नैतिक शोध करने के लिए क्या चाहिए

दो शोधकर्ता बताते हैं कि फ़ील्डवर्क सिर्फ डेटा इकट्ठा करना नहीं है—यह सुनने, समझने, प्रतिनिधित्व करने और समुदायों को वापस देने की प्रक्रिया है।

काठमांडू से क्योटो तक: हाथियों की गर्जना के पीछे-पीछे

संजिता पोखरेल ने मुश्किलों के बावजूद हाथी विज्ञान में अपना करियर कैसे बनाया और उनके अस्तित्व ने उनके काम को क्यों प्रेरित किया।

SNEHA के आत्महत्या रोकथाम अभियान के पीछे सुकून देने वाले हाथ

डॉ. लक्ष्मी विजयकुमार अपनी संस्था के माध्यम से परेशान लोगों को मौत के मुहाने से खींचकर जीवन की ओर लाती हैं। यह एनजीओ समय पर मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराता है, आत्महत्या को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की दिशा में अभियान चलाता है और किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए कीटनाशक लॉकर रूम जैसी पहलें करता है।